एक ही पत्थर से निर्मित लेटे सांवरिया हनुमान जी - Sanwariya Hanuman Temple

Sanwariya Hanuman Temple, इसमें भीलवाड़ा के कारोई में मौजूद 28 फीट लंबी हनुमान प्रतिमा वाले लेटे सांवरिया हनुमान मंदिर के बारे में जानकारी दी गई है।

Sanwariya Hanuman Temple

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित कारोई गांव आज केवल अपनी प्रसिद्ध "ज्योतिष नगरी" की पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि भगवान हनुमान की एक अत्यंत अद्भुत और विशाल शयन मुद्रा (लेटी हुई) प्रतिमा के कारण भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

उदयपुर हाईवे पर स्थित इस स्थान पर स्थापित लेटे सांवरिया हनुमान जी की प्रतिमा राजस्थान की सबसे बड़ी एकाश्म (एक ही पत्थर से निर्मित) शयन मुद्रा वाली प्रतिमाओं में गिनी जाती है।

कहाँ स्थित है यह मंदिर?

यह मंदिर राजस्थान के भीलवाड़ा शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर कारोई गांव के पास, भीलवाड़ा–राजसमंद (उदयपुर) राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान पहाड़ी की तलहटी में स्थित है।

कारोई गांव पूरे देश में "ज्योतिष नगरी" के नाम से भी प्रसिद्ध है, जहाँ वर्षों से भृगु संहिता और ज्योतिष परंपरा से जुड़े विद्वानों का निवास रहा है।

लेटे सांवरिया हनुमान प्रतिमा की विशेषताएँ

इस प्रतिमा की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशाल आकार और एक ही पत्थर से निर्मित होना है।

मुख्य विशेषताएँ—

  • लंबाई – लगभग 28 फीट

  • चौड़ाई – लगभग 12 फीट

  • वजन – लगभग 64 टन

  • निर्माण सामग्री – बंसी पहाड़पुर (भरतपुर) का लाल बलुआ पत्थर

  • निर्माण – एक ही विशाल शिला (Single Stone) पर नक्काशी कर तैयार की गई

इतनी विशाल प्रतिमा को एक ही पत्थर से तराशना अपने आप में एक कठिन शिल्प कार्य माना जाता है।

प्रतिमा बनाने में कितना समय लगा?

मंदिर से जुड़े संतों के अनुसार इस विशाल प्रतिमा को तैयार करने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। उपयुक्त आकार की विशाल शिला की तलाश भी काफी समय तक की गई।

अंततः दौसा क्षेत्र के सिकंदरा के पास से बंसी पहाड़पुर के लाल पत्थर की उपयुक्त शिला प्राप्त हुई, जिस पर यह प्रतिमा बनाई गई।

प्रतिमा तैयार होने के बाद इसे भीलवाड़ा के निकट हाथीभाटा आश्रम लाया गया।

प्रयागराज की यात्रा और कारोई में स्थापना

वर्ष 2020 में यह विशाल प्रतिमा ट्रेलर के माध्यम से भीलवाड़ा से प्रयागराज ले जाई गई, जहाँ गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद इसे वापस राजस्थान लाया गया।

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वापसी के दौरान प्रतिमा लेकर आ रहा ट्रेलर कारोई क्षेत्र में रुका। इसके बाद यहाँ हनुमान पहाड़ी की तलहटी में मंदिर निर्माण और प्रतिमा स्थापना का निर्णय लिया गया।

बाद में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और प्राण प्रतिष्ठा के साथ प्रतिमा स्थापित की गई। समाचारों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा समारोह में लगभग 400 संतों ने भाग लिया था।

"सांवरिया हनुमान" नाम क्यों पड़ा?

इस प्रतिमा का मुख चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर की दिशा में रखा गया है।

इसी कारण श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े संतों ने इस प्रतिमा का नाम "लेटे सांवरिया हनुमान" रखा। यही इस मंदिर की सबसे अनोखी पहचान भी बन गई है।

प्रतिमा की दिशा

प्रतिमा दक्षिणमुखी स्थापित की गई है तथा इसका मुख सांवरिया सेठ मंदिर की दिशा की ओर बताया जाता है। यह धार्मिक मान्यता मंदिर की विशेष पहचान मानी जाती है।

मंदिर परिसर का विकास

प्रतिमा स्थापना के समय मंदिर परिसर के भव्य विकास की योजना भी घोषित की गई थी।

उस समय उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तावित मंदिर की प्रमुख विशेषताएँ थीं—

  • लगभग 111 फीट ऊँचा मंदिर

  • लगभग 125 फीट लंबाई

  • लगभग 56 फीट चौड़ाई

  • तीन भव्य नक्काशीदार प्रवेश द्वार

  • पाँच शिखर

  • विशाल मुख्य प्रवेश द्वार

  • श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग

  • हराभरा उद्यान

  • आधुनिक प्रकाश व्यवस्था

  • महाराष्ट्र के कारीगरों द्वारा निर्माण

समाचारों में यह भी बताया गया था कि मंदिर का रंग संयोजन ऐसा होगा कि दिन और रात की रोशनी में इसका स्वरूप अलग-अलग दिखाई देगा।

हालाँकि उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है कि प्रस्तावित निर्माण का पूरा कार्य वर्तमान समय तक पूर्ण हो चुका है या नहीं।

मंदिर की धार्मिक महत्ता

हनुमान जी की अधिकांश प्रतिमाएँ खड़ी, बैठी या वीर मुद्रा में देखने को मिलती हैं।

लेकिन कारोई की यह प्रतिमा शयन मुद्रा में स्थापित है, जिससे यह राजस्थान के प्रमुख अनोखे हनुमान मंदिरों में शामिल हो गई है।

श्रद्धालु यहाँ विशेष रूप से—

  • संकटों से मुक्ति,

  • मनोकामना पूर्ति,

  • परिवार की सुख-समृद्धि,

  • तथा हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दर्शन करने आते हैं।

यहाँ कैसे पहुँचे?

  • निकटतम शहर – भीलवाड़ा

  • दूरी – लगभग 25 किलोमीटर

  • मार्ग – भीलवाड़ा–राजसमंद (उदयपुर) हाईवे

  • सड़क मार्ग से मंदिर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।

रोचक तथ्य

  • यह प्रतिमा एक ही पत्थर से निर्मित है।

  • इसका वजन लगभग 64 टन बताया जाता है।

  • प्रतिमा शयन मुद्रा में स्थापित है।

  • प्रतिमा का मुख सांवरिया सेठ मंदिर की दिशा में है।

  • कारोई गांव अपनी ज्योतिष परंपरा के कारण भी पूरे देश में प्रसिद्ध है।

  • यह स्थान धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।

निष्कर्ष

भीलवाड़ा जिले का लेटे सांवरिया हनुमान मंदिर श्रद्धा, शिल्पकला और आस्था का अनूठा संगम है। एक ही विशाल पत्थर से निर्मित 28 फीट लंबी यह प्रतिमा राजस्थान की विशिष्ट धार्मिक धरोहरों में अपना अलग स्थान रखती है।

यदि आप भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ या उदयपुर क्षेत्र की यात्रा पर हों, तो इस अनोखे मंदिर के दर्शन आपके धार्मिक और पर्यटन अनुभव को निश्चित रूप से यादगार बना सकते हैं।

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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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