अगर आप कुम्भलगढ़ से रणकपुर जा रहे हैं और ऐसा रास्ता चाहते हैं जो छोटा होने के साथ-साथ ड्राइव करने में भी आसान हो, तो धिकोरा–कोविया होकर रणकपुर रोड (रूपण माता मंदिर के पास) मिलने वाला मार्ग आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
इससे पहले हमने भाणपुरा की नाल वाले शॉर्टकट की जानकारी दी थी। हालांकि वह दूरी बचाता है, लेकिन गहरी घाटी, तीखे ढलान और लगातार मोड़ों के कारण हर ड्राइवर के लिए सुविधाजनक नहीं माना जाता।
धिकोरा–कोविया वाला नया मार्ग
कुम्भलगढ़ से सायरा की ओर चलते हुए भाणपुरा के बाद धिकोरा गांव आता है। यहां से दाईं ओर मुड़कर सड़क कोविया होते हुए आगे बढ़ती है और रूपण माता मंदिर के पास रणकपुर रोड से जाकर मिल जाती है। इसके बाद रणकपुर पहुँचना बेहद आसान हो जाता है।
इस रास्ते की खासियत
इस मार्ग पर भाणपुरा की नाल जैसी कठिन घाटियां और खतरनाक ढलान नहीं हैं। सड़क सामान्य पहाड़ी मार्ग जैसी है, इसलिए परिवार के साथ यात्रा करने वाले, पहली बार आने वाले पर्यटक और छोटी कार से सफर करने वालों के लिए यह अधिक आरामदायक विकल्प माना जा सकता है।
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बरसात के मौसम में अरावली की हरियाली, घुमावदार सड़कें और शांत प्राकृतिक वातावरण इस सफर को और भी खूबसूरत बना देते हैं।
यात्रा से पहले ध्यान रखें
पहाड़ी रास्तों पर हमेशा नियंत्रित गति रखें।
बारिश में फिसलन वाली जगहों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
दिन के समय यात्रा करना अधिक सुरक्षित रहता है।
निकलने से पहले Google Maps या स्थानीय लोगों से सड़क की ताज़ा जानकारी अवश्य ले लें।
निष्कर्ष
यदि आप कुम्भलगढ़ से रणकपुर का आसान, सुरक्षित और कम चुनौतीपूर्ण शॉर्टकट तलाश रहे हैं, तो धिकोरा–कोविया होकर रणकपुर रोड वाला मार्ग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह रास्ता आरामदायक ड्राइव के साथ अरावली की खूबसूरत वादियों का आनंद लेने का भी शानदार अवसर देता है।
